सहयोग से चलता है जीवन,
सद्भाव से महके हर उपवन।
कंधे से जब कंधा मिलता,
काँटों में भी गुलशन खिलता।
अकेला पंछी थक जाता है,
संग उड़े तो गगन छू पाता है।
एक-दूजे का थामें हाथ,
कट जाती हर मुश्किल रात।
छोटे-छोटे तिनके मिलकर,
रच देते हैं नीड़ मनोहर।
बूँद-बूँद से सागर बनता,
एकजुटता से सपना सजता।
मिलजुल कर हर कदम बढ़ाएँ,
नई दिशा, नया कल सजाएँ।
विश्वास की यह डोर न टूटे,
जीवन भर यह साथ न छूटे।
